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Showing posts from April, 2025

अतीत के सिपाही

 गर्मी की छुट्टियाँ शुरू हो चुकी थीं, और दिल्ली का दम घोंटने वाला मौसम पीछे छूट गया था। आरव और उसकी छोटी बहन तनीषा, अपने नाना-नानी के गाँव किलेड़ी आए थे — एक छोटा सा गाँव जो राजस्थान के रेगिस्तानी विस्तार के बीच बसा था। गाँव के एक किनारे पर था गढ़ रायगढ़ — एक प्राचीन किला, जिसकी ऊँची-ऊँची दीवारें आज भी वीरता की कहानियाँ चुपचाप सुनाती थीं। "नाना, क्या सच में इस किले में गुप्त रास्ते और खज़ाने छिपे हैं?" तनीषा ने चाय की प्याली थामते हुए आँखें फैलाकर पूछा। नाना मुस्कुराए, उनकी झुर्रियों से भरा चेहरा कहानियों का खजाना लगता था। "बिलकुल हैं, बेटा," उन्होंने कहा। "यह किला कोई साधारण जगह नहीं। यहाँ इतिहास अब भी सांस लेता है। अगर ध्यान से सुनो, तो दीवारें भी कहानियाँ कहती हैं।" आरव को लगा जैसे नाना का हर शब्द एक चुनौती हो। "कल सुबह हम किले की खोज पर निकलेंगे," उसने तय कर लिया। अगली सुबह सूरज जब अभी लाल था और हवाओं में रेगिस्तान की ठंडी महक थी, दोनों भाई-बहन अपने छोटे से बैग और कैमरे के साथ निकल पड़े। पगडंडी पत्थरों और काँटेदार झाड़ियों से भरी थी। दूर...

The Vacation

  गर्मियों की शुरुआत "कुछ यादें समय के साथ धुंधली नहीं होतीं, वो हमेशा ताज़ा रहती हैं... जैसे उस गर्मी की छुट्टियाँ।" **मुंबई, मई 2023** आदित्य शेट्टी की गाड़ी बांद्रा वोर्ली सी लिंक पर फंसी हुई थी। एसी की ठंडी हवा के बावजूद उसका माथा पसीने से भीगा हुआ था। फोन पर उसकी बहन माधवी की आवाज़ गूंज रही थी, "भैया, पापा ने कहा है कि तुम्हें इस बार छुट्टियों में गाँव आना ही है! तुम पिछले तीन साल से टाल रहे हो!" आदित्य ने आँखें घुमाईं, "माधवी, मेरे पास ऑफिस का बहुत काम है—" "और हाँ!"*माधवी ने उसकी बात काटते हुए कहा, "तुम्हारे लिए एक सरप्राइज़ भी है!" आदित्य ने आह भरते हुए फोन काट दिया। उसके लिए अब 'सरप्राइज़' शब्द ही डरावना हो चुका था। पिछली बार जब परिवार ने उसे 'सरप्राइज़' दिया था, तो वह एक अरेंज्ड मैरिज का प्रपोज़ल था।  **कोंकण, गोवा की सीमा पर बसा छोटा सा गाँव**  गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू होते ही गाँव की हवा में एक नई मस्ती घुल गई थी। नदी के किनारे बने पुराने बंगले में आदित्य के दादाजी का बोर्ड लटका हुआ था — "शे...

प्यार की धुन

भाग 1: पहली झलक कॉलेज की घंटी बजी, और उसकी तीखी आवाज़ ने आँगन में घूम रहे छात्रों के शोर को चीर दिया। सुबह की धूप ने सेंट जेवियर कॉलेज के व्यस्त कैंपस को सुनहरी चमक से नहला दिया, जो मुख्य भवन की पॉलिश की हुई फर्श पर झिलमिला रही थी। एक नया शैक्षणिक वर्ष शुरू हुआ था, और इसके साथ ही नई दोस्तियों, प्रतिद्वंद्विताओं और खोजों का वादा भी आया था।   नीले ब्लेज़र और साफ़ स्टार्च की हुई सफ़ेद शर्ट पहने छात्रों की भीड़ में आरव मेहता आलसी अंदाज़ में चल रहा था। उन्नीस साल की उम्र में, वह मुसीबत से बचते हुए भी उसके कगार पर मंडराने की कला में माहिर हो चुका था। उसके सबसे अच्छे दोस्त, रोहन, जो चुस्त-दुरुस्त था और जिसके पास मज़ाकों का अंतहीन भंडार और शरारत करने की उतनी ही क्षमता थी, ने उसे टहोका लगाया।   "देखो कौन आया है, यार," रोहन ने गोपनीय ढंग से फुसफुसाते हुए कहा, और प्रवेश द्वार की ओर इशारा किया।   आरव ने आलस से सिर घुमाया और फिर अचानक रुक गया।   वह नई थी। यह बात उसके स्कूल बैग के पट्टों को अनिश्चितता से पकड़ने के तरीके से साफ़ झलक रही थी। उसके लंबे, घुंघराले ब...

The Curse of the Crimson Saree Part 4

The days following their dinner at the intimate restaurant left Mira restless. Arjun’s words had soothed her momentarily, but the weight of the crimson saree’s curse lingered like a shadow she couldn’t shake. She found herself analyzing every text, every glance, every fleeting touch—searching for signs of deception.   Yet, despite her doubts, she couldn’t deny the pull she felt toward him.   Riya burst into Mira’s apartment one afternoon, waving her phone excitedly.   "You will not believe this!" she exclaimed. "Malhotra Tech is hosting a charity gala next month, and they’re looking for a designer to create custom outfits for the event’s performers. I may have… casually mentioned your name."   Mira nearly dropped the sketch she was working on. "You did what?"  "Relax! It’s a huge opportunity. Besides," Riya smirked, "I saw the way Arjun looked at you. He’ll say yes."  Mira groaned, but a part of her was intrigued. This could be her chan...