आज का दिन ख़ास था। देश की पहली पूरी तरह से स्वचालित, हाई-स्पीड ' भारत एक्सप्रेस' अपनी पहली यात्रा के लिए तैयार थी। दिल्ली से मुंबई तक की यह यात्रा, न केवल इंजीनियरिंग का कमाल थी, बल्कि भारत के तकनीकी भविष्य का प्रतीक भी थी। शिबानी को इस प्रोजेक्ट पर महीनों से काम करते हुए, इसके सुरक्षा प्रोटोकॉल को अंतिम रूप देते हुए देखा गया था।
"शिबानी, सब ठीक है?" उसके बॉस, मिस्टर वर्मा, ने पूछा, जो एक कप चाय लिए उसके पास खड़े थे। उनके चेहरे पर उद्घाटन समारोह की हल्की चिंता और उत्साह दोनों थे।
शिबानी ने अपनी उंगली की नोक से चश्मे को ऊपर किया। "लगभग, सर। बस एक छोटी सी Problem है।"
"Problem? क्या मतलब?" वर्मा जी की भौंहें तन गईं।
"एक अज्ञात IP एड्रेस से कुछ माइक्रो-पैकट आ रहे हैं, जो भारत एक्सप्रेस के रूटिंग सिस्टम को पिंग कर रहे हैं। बहुत छोटे, लगभग negligible, लेकिन पैटर्न अजीब है।" शिबानी ने स्क्रीन पर एक छोटे से हरे बिंदु की ओर इशारा किया जो पलक झपक रहा था।
वर्मा जी ने स्क्रीन पर देखा और फिर हँस पड़े। "शिबानी, तुम हमेशा कुछ न कुछ ढूंढ ही लेती हो। यह शायद किसी टेस्टिंग टीम की आख़िरी जाँच होगी, या कोई सामान्य नेटवर्क नॉइज़। आज के दिन कोई जोखिम नहीं ले सकता।"
"लेकिन सर, यह पैटर्न पहले कभी नहीं देखा। यह किसी बॉटनेट जैसा नहीं है, बल्कि ज़्यादा targeted लग रहा है," शिबानी ने ज़ोर दिया। उसकी अंतरात्मा उसे कुछ गड़बड़ होने का संकेत दे रही थी।
"छोड़ो, शिबानी। आज का दिन ऐतिहासिक है, इसे किसी छोटी-मोटी तकनीकी गड़बड़ी से ख़राब मत करो। सब कुछ ग्रीन है, और ट्रेन कुछ ही मिनटों में रवाना होने वाली है," वर्मा जी ने कहा और अपनी चाय पीते हुए आगे बढ़ गए।
शिबानी ने गहरी साँस ली। उसे पता था कि वर्मा जी का दबाव समझना ज़रूरी था, लेकिन उसकी विशेषज्ञता उसे अनदेखा करने की अनुमति नहीं दे रही थी। उसने चुपचाप उस IP एड्रेस को ट्रैक करना शुरू किया, और कुछ ही सेकंड में उसे एक चौंकाने वाला परिणाम मिला। यह IP एड्रेस एक पुराने, निष्क्रिय रेलवे सर्वर से आ रहा था, जिसे वर्षों पहले बंद कर दिया गया था।
"यह कैसे संभव है?" शिबानी बुदबुदाई। एक बंद सर्वर से डेटा पिंग कैसे हो सकता है?
उसने तुरंत उस सर्वर के पुराने लॉग्स को खंगालना शुरू किया। जैसे-जैसे वह गहराई में जाती गई, उसे एक पैटर्न मिला – कुछ विशिष्ट कोड स्ट्रिंग्स जो केवल रेलवे के सबसे संवेदनशील, पुराने सिग्निलिंग सिस्टम में उपयोग की जाती थीं। यह कोई सामान्य हैकर नहीं था; यह कोई ऐसा व्यक्ति था जिसे रेलवे के आंतरिक तंत्र की गहरी जानकारी थी।
बाहर, उद्घोषक की आवाज़ गूँज उठी, " भारत एक्सप्रेस, अपने पहले ऐतिहासिक सफ़र के लिए तैयार है! कृपया दरवाज़े बंद होने से पहले अंदर आ जाएँ।"
ट्रेन के इंजन की धीमी गड़गड़ाहट पूरे स्टेशन पर गूँजने लगी। शिबानी की उंगलियाँ कीबोर्ड पर तेज़ी से चल रही थीं। उसे पता था कि उसके पास ज़्यादा समय नहीं है। उसने उस अज्ञात IP से आ रहे पैकेटों को ब्लॉक करने की कोशिश की, लेकिन वे एक अदृश्य दीवार से टकराकर वापस लौट रहे थे।
तभी, स्क्रीन पर एक नया, बड़ा लाल बिंदु चमक उठा। यह भारत एक्सप्रेस के मुख्य नियंत्रण मॉड्यूल से आ रहा था। उसके बाद, एक अजीब सा कोड स्निपेट स्क्रीन पर फ्लैश हुआ, जो शिबानी को एक पुराने रेलवे मैनुअल के एक गुप्त सेक्शन की याद दिला गया।
"सर! वर्मा सर!" शिबानी चिल्लाई, उसकी आवाज़ में घबराहट साफ़ थी। "यह कोई गड़बड़ी नहीं है! यह एक हमला है! कोई भारत एक्सप्रेस के पुराने सिग्निलिंग सिस्टम को हाईजैक करने की कोशिश कर रहा है!"
वर्मा जी और अन्य अधिकारी उसकी तरफ़ मुड़े, उनके चेहरे पर अविश्वास था। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। एक धीमी, लेकिन निश्चित गति से, भारत एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म से आगे बढ़ना शुरू हो चुकी थी, अपनी पहली यात्रा पर... और शायद अपने पहले ख़तरे की ओर। शिबानी को पता था कि अब उसे अकेले ही इस अदृश्य दुश्मन का सामना करना होगा, जो भारतीय रेलवे के दिल पर वार कर रहा था।
To be Continued..............
- Brij

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