भारत एक्सप्रेस ने प्लेटफॉर्म छोड़ दिया था, और उसकी गति धीरे-धीरे बढ़ रही थी। सेंट्रल कमांड सेंटर में एक अजीब-सा सन्नाटा छा गया था, जिसे सिर्फ़ कीबोर्ड पर शिबानी की उंगलियों की तेज़ आवाज़ तोड़ रही थी। मिस्टर वर्मा और अन्य अधिकारी अब भी अविश्वास में थे, लेकिन शिबानी की आँखों में दिख रही घबराहट और स्क्रीन पर चमकते लाल अलर्ट उन्हें अपनी सीट से चिपकाए हुए थे।
"शिबानी, क्या तुम इसे रोक नहीं सकती?" वर्मा जी ने लगभग फुसफुसाते हुए पूछा। उनकी आवाज़ में अब चिंता साफ़ झलक रही थी।
"मैं कोशिश कर रही हूँ, सर! लेकिन हमलावर ने पुराने सिग्निलिंग प्रोटोकॉल का इस्तेमाल किया है, जो हमारे नए सुरक्षा सिस्टम में पूरी तरह से एकीकृत नहीं हैं। यह एक ब्लाइंड स्पॉट है," शिबानी ने जवाब दिया, उसकी नज़रें स्क्रीन पर डेटा स्ट्रीम को स्कैन कर रही थीं। "यह सिर्फ़ रूटिंग हाईजैक नहीं है, सर। वे ट्रेन के ब्रेकिंग और स्पीड कंट्रोल सिस्टम को भी प्रभावित कर रहे हैं।"
स्क्रीन पर, भारत एक्सप्रेस का डिजिटल आइकन तेज़ी से आगे बढ़ रहा था, लेकिन उसके साथ ही एक लाल रेखा भी बन रही थी जो दर्शा रही थी कि ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग से थोड़ा भटक रही थी। सबसे चिंताजनक बात यह थी कि उसकी गति लगातार बढ़ रही थी, जबकि अगले स्टेशन पर उसे धीमा होना था।
शिबानी ने तुरंत अपने टर्मिनल पर एक कमांड टाइप किया, जो सीधे ट्रेन के इमरजेंसी स्टॉप प्रोटोकॉल को सक्रिय करने के लिए था। एक पल के लिए, स्क्रीन पर 'कमांड सेंट' का संदेश फ्लैश हुआ, लेकिन अगले ही पल, 'अस्वीकृत: अज्ञात त्रुटि' का संदेश आ गया।
"नहीं! उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक भी ब्लॉक कर दिए हैं!" शिबानी ने गुस्से में कहा। "यह कोई साधारण हैकर नहीं है, सर। यह कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे भारतीय रेलवे के पुराने और नए दोनों सिस्टम की गहरी जानकारी है। यह एक अंदरूनी व्यक्ति हो सकता है, या कोई जिसने बहुत गहन शोध किया है।"
वर्मा जी ने अपने माथे पर हाथ फेरा। "तो अब क्या? क्या हम ट्रेन को मैन्युअल रूप से रोक सकते हैं?"
"मैन्युअल नियंत्रण अब कमांड सेंटर से संभव नहीं है। हमलावर ने हमारे डिजिटल इंटरफ़ेस को ओवरराइड कर दिया है। हमें ट्रेन के अंदर से ही कुछ करना होगा, या किसी ऐसे पुराने सिस्टम को सक्रिय करना होगा जो इस डिजिटल हमले से अप्रभावित हो," शिबानी ने कहा। उसकी आँखें एक पुरानी, धूल भरी अलमारी की ओर गईं जहाँ पुराने रेलवे मैनुअल और कुछ अप्रचलित उपकरण रखे थे।
अचानक, स्क्रीन पर एक नया संदेश फ्लैश हुआ। यह एक टेक्स्ट मैसेज था, जो सीधे हमलावर से आया था: "खेल अभी शुरू हुआ है, शिबानी। तुम भले ही अपने आप को Miss Railway समझो , लेकिन तुम मेरी चालों को समझ नहीं पाओगी, अगले स्टेशन पर ... एक बड़ा Surprise तुम्हारा इंतजार कर रहा है।"
शिबानी का चेहरा सफ़ेद पड़ गया। हमलावर उसे जानता था। यह व्यक्तिगत था।
"सर, हमलावर ने मुझसे सीधे संपर्क किया है," शिबानी ने कहा, उसकी आवाज़ में दृढ़ता लौट आई थी। "वह मुझे जानता है। इसका मतलब है कि वह हमारे सिस्टम के बारे में बहुत कुछ जानता है।"
"तो हमें क्या करना चाहिए?" वर्मा जी ने पूछा, उनकी आवाज़ में अब थोड़ी उम्मीद थी, क्योंकि शिबानी ने अपना संयम वापस पा लिया था।
"हमें एक ऐसी टीम चाहिए जो ट्रेन के अंदर हो, जो मेरे निर्देशों पर काम कर सके। और हमें एक ऐसा पुराना सिग्निलिंग हब ढूंढना होगा जो अभी भी काम कर रहा हो और इस डिजिटल हमले से जुड़ा न हो। शायद हम वहाँ से नियंत्रण वापस ले सकें," शिबानी ने कहा। "लेकिन सबसे पहले, हमें यह पता लगाना होगा कि अगला स्टेशन क्या है और हमलावर का Surprise क्या है।"
शिबानी ने तुरंत अपने बगल में बैठे एक जूनियर एनालिस्ट को निर्देश दिया, "जल्दी से, अगले स्टेशन का नाम और वहाँ के सभी सिग्निलिंग हब की जानकारी निकालो, खासकर जो पुराने मैनुअल सिस्टम पर चलते हों।"
ट्रेन की गति बढ़ती जा रही थी, और मुंबई के उपनगरीय इलाकों से बाहर निकलकर वह खुले ट्रैक पर आ गई थी। शिबानी को पता था कि उसके पास समय बहुत कम था। उसे न केवल ट्रेन को बचाना था, बल्कि इस रहस्यमय हमलावर को भी बेनकाब करना था, जो भारतीय रेलवे के भविष्य को खतरे में डाल रहा था। यह सिर्फ़ एक ट्रेन नहीं थी; यह देश का गौरव था, और उसे किसी भी कीमत पर इसे बचाना था।
To be continued................
- Brij

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