सेंट्रल कमांड सेंटर की हवा में तनाव घुला हुआ था। जूनियर एनालिस्ट ने तेज़ी से कीबोर्ड पर उंगलियाँ चलाईं। "सर, शिबानी मैम! अगला स्टेशन 'शिवाजी नगर' है। और वहाँ एक पुराना, मैन्युअल सिग्निलिंग हब है जिसे १९८० के दशक में बनाया गया था, लेकिन अभी भी बैकअप के रूप में चालू रखा गया है।"
शिबानी की आँखें चमक उठीं। "Good! उस हब के इंचार्ज से तुरंत संपर्क साधो। उन्हें बताओ कि भारत एक्सप्रेस के सिग्निलिंग सिस्टम पर साइबर हमला हुआ है और उन्हें मैन्युअल नियंत्रण के लिए तैयार रहना होगा।"
"लेकिन मैम, शिवाजी नगर एक छोटा स्टेशन है। भारत एक्सप्रेस वहाँ रुकने के लिए डिज़ाइन नहीं की गई है, और इस गति से..." जूनियर एनालिस्ट ने हिचकिचाते हुए कहा।
"मुझे पता है! लेकिन यह हमारी एकमात्र उम्मीद है," शिबानी ने दृढ़ता से कहा। "अगर हमलावर का 'आश्चर्य' शिवाजी नगर से जुड़ा है, तो हमें वहीं से जवाबी हमला करना होगा।"
तभी, मिस्टर वर्मा के फ़ोन की घंटी बजी। वह फ़ोन पर कुछ देर बात करते रहे, उनका चेहरा और भी गंभीर होता जा रहा था। "शिबानी, यह रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से है। उन्होंने ट्रेन के अंदर एक टीम भेजने की व्यवस्था की है। इंस्पेक्टर राजेश और उनकी टीम, जो साइबर सुरक्षा में भी थोड़ी जानकारी रखते हैं, अगले बड़े जंक्शन, कल्याण से ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करेंगे।"
"कल्याण? लेकिन तब तक बहुत देर हो सकती है, सर! ट्रेन की गति लगातार बढ़ रही है। हमें तुरंत कुछ करना होगा," शिबानी ने चिंता व्यक्त की।
"हमारे पास कोई और रास्ता नहीं है, शिबानी। ट्रेन में चढ़ने का यह सबसे तेज़ तरीका है," वर्मा जी ने कहा। "तुम्हें उन्हें निर्देश देने होंगे।"
शिबानी ने गहरी साँस ली। उसके दिमाग में एक साथ कई योजनाएँ चल रही थीं। उसे राजेश की टीम को अंदर से ट्रेन को नियंत्रित करने के लिए मार्गदर्शन करना था, साथ ही शिवाजी नगर के पुराने हब से संपर्क स्थापित करना था।
"ठीक है, सर। इंस्पेक्टर राजेश से मेरा सीधा संपर्क स्थापित करें। मैं उन्हें ट्रेन के आंतरिक सिस्टम के बारे में जानकारी दूंगी," शिबानी ने कहा। फिर उसने जूनियर एनालिस्ट की ओर मुड़कर कहा, "शिवाजी नगर हब को तैयार रखो। उन्हें बताओ कि उन्हें ट्रेन को मैन्युअल रूप से धीमा करने के लिए तैयार रहना होगा, भले ही वह निर्धारित स्टॉप न हो।"
स्क्रीन पर, भारत एक्सप्रेस का आइकन शिवाजी नगर की ओर तेज़ी से बढ़ रहा था। हमलावर का अगला संदेश फ्लैश हुआ: "शिवाजी नगर... एक मोड़। क्या तुम तैयार हो, शिबानी?"
शिबानी ने संदेश को घूरकर देखा। 'एक मोड़' - इसका क्या मतलब था? क्या हमलावर ट्रेन को पटरी से उतारने की योजना बना रहा था? या कोई और भयानक जाल बिछाया गया था?
उसने तुरंत शिवाजी नगर के ट्रैक लेआउट और पिछले हादसों के रिकॉर्ड को खंगालना शुरू किया। उसे एक पुरानी रिपोर्ट मिली - शिवाजी नगर के ठीक बाद एक तीव्र मोड़ था, जहाँ अतीत में एक छोटी दुर्घटना हुई थी क्योंकि एक मालगाड़ी ने गति नियंत्रण खो दिया था। अगर भारत एक्सप्रेस उस मोड़ पर अपनी वर्तमान गति से गुज़री, तो परिणाम विनाशकारी हो सकते थे।
"सर! शिवाजी नगर के बाद एक खतरनाक मोड़ है! हमलावर ट्रेन को वहीं पटरी से उतारने की योजना बना रहा है!" शिबानी ने चिल्लाकर कहा।
वर्मा जी का चेहरा पीला पड़ गया। "क्या? यह तो नरसंहार होगा!"
"हमें किसी भी कीमत पर ट्रेन को धीमा करना होगा, शिवाजी नगर पहुँचने से पहले!" शिबानी ने कहा। "शिवाजी नगर हब को बताओ कि उन्हें तुरंत एक्शन लेना होगा। और इंस्पेक्टर राजेश को बताओ कि उन्हें ट्रेन के अंदर से ब्रेकिंग सिस्टम को ओवरराइड करने का कोई तरीका खोजना होगा, भले ही वह मैन्युअल हो!"
शिबानी ने अपने हेडसेट पर इंस्पेक्टर राजेश से संपर्क साधा। "इंस्पेक्टर, मेरी बात ध्यान से सुनिए। आप कल्याण से ट्रेन में चढ़ेंगे। आपका पहला लक्ष्य होगा ट्रेन के ड्राइवर केबिन तक पहुँचना। हमलावर ने इमरजेंसी ब्रेक को ब्लॉक कर दिया है, लेकिन ड्राइवर केबिन में पुराने मैन्युअल ब्रेकिंग लीवर हो सकते हैं, जो डिजिटल सिस्टम से जुड़े न हों। आपको उन्हें ढूंढना होगा और सक्रिय करना होगा।"
"समझ गया, मैम। हम तैयार हैं," राजेश की आवाज़ में दृढ़ता थी, लेकिन पृष्ठभूमि में ट्रेन के हॉर्न की आवाज़ और स्टेशन का शोर सुनाई दे रहा था।
शिबानी ने स्क्रीन पर देखा। भारत एक्सप्रेस अब शिवाजी नगर से कुछ ही मिनटों की दूरी पर थी, और उसकी गति एक खतरनाक स्तर पर पहुँच चुकी थी। समय तेज़ी से निकल रहा था। उसे पता था कि यह सिर्फ़ एक तकनीकी लड़ाई नहीं थी, बल्कि एक दौड़ थी - समय के खिलाफ, और एक ऐसे दुश्मन के खिलाफ जो भारतीय रेलवे के हर रहस्य को जानता था।
To be continued...............
- Brij

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