खतरनाक मोड़ से बच निकलने के बाद, भारत एक्सप्रेस अभी भी तेज़ी से आगे बढ़ रही थी। सेंट्रल कमांड सेंटर में, शिबानी ने अपनी कुर्सी पर पीछे की ओर झुककर एक गहरी साँस ली। तनाव से उसका शरीर अकड़ गया था, लेकिन उसकी आँखें अभी भी स्क्रीन पर टिकी थीं, जहाँ ट्रेन का आइकन लगातार चमक रहा था।
"गति अभी भी ज़्यादा है, सर। हमलावर ने पूरी तरह से नियंत्रण नहीं छोड़ा है," शिबानी ने मिस्टर वर्मा से कहा। "और हमें यह नहीं पता कि उसका अगला कदम क्या होगा।"
"इंस्पेक्टर राजेश, क्या आप ड्राइवर केबिन तक पहुँच पाए?" शिबानी ने हेडसेट पर पूछा।
राजेश की आवाज़ हाँफते हुए आई। "मैम, हम ड्राइवर केबिन के पास हैं, लेकिन दरवाज़ा अंदर से लॉक है। यह बुलेटप्रूफ है और इसे तोड़ना मुश्किल है।"
"क्या कोई और entry है? कोई वेंटिलेशन शाफ्ट या सर्विस हैच?" शिबानी ने पूछा, उसके दिमाग में ट्रेन के ब्लू प्रिंट्स घूम रहे थे।
"मुझे देखने दें, मैम," राजेश ने कहा। background में track के खटखटाने की आवाज़ें आ रही थीं।
शिबानी ने तुरंत अपने टर्मिनल पर ट्रेन के आंतरिक लेआउट का एक विस्तृत डिजिटल मॉडल खोला। उसने ड्राइवर केबिन के चारों ओर स्कैन किया, हर संभावित entry की तलाश में। उसे एक छोटा, आपातकालीन एक्सेस पैनल दिखाई दिया, जो आमतौर पर रखरखाव के लिए उपयोग होता था, और वह सीधे ड्राइवर केबिन के पीछे के हिस्से में खुलता था।
"इंस्पेक्टर राजेश! ड्राइवर केबिन के ठीक पीछे, छत के पास एक छोटा एक्सेस पैनल होगा। यह शायद एक वेंटिलेशन शाफ्ट की तरह दिखेगा। उसे खोलने की कोशिश करें!" शिबानी ने निर्देश दिया।
"मिल गया, मैम! हम कोशिश कर रहे हैं!" राजेश ने जवाब दिया।
कमांड सेंटर में, मिस्टर वर्मा ने अपने फ़ोन पर बात करना शुरू कर दिया। "मैंने उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है, शिबानी। वे स्थिति की गंभीरता को समझ रहे हैं। उन्होंने हमें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।"
"सहायता तब तक काम नहीं आएगी जब तक हम हमलावर को रोक नहीं देते, सर," शिबानी ने कहा। "वह हमसे एक कदम आगे है।"
तभी, स्क्रीन पर एक और संदेश फ्लैश हुआ। यह हमलावर से था, और इस बार, यह एक वीडियो फ़ाइल थी। शिबानी ने उसे तुरंत खोला।
वीडियो में एक नकाबपोश व्यक्ति दिखाई दिया, जो एक अंधेरे कमरे में बैठा था। उसकी आवाज़ डिजिटल रूप से विकृत थी, लेकिन उसके शब्द स्पष्ट थे। "शिबानी, तुम सोचती हो कि तुमने मुझे हरा दिया? यह सिर्फ़ एक चेतावनी थी। अगली बार, कोई मोड़ नहीं होगा। अगला लक्ष्य... नाशिक।"
शिबानी का दिल एक पल के लिए रुक गया। नाशिक स्टेशन! वह सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन था, जहाँ हर दिन लाखों यात्री आते-जाते थे। अगर वहाँ भारत एक्सप्रेस अनियंत्रित गति से पहुँची, तो यह एक भयानक त्रासदी होगी।
"सर! हमलावर का अगला लक्ष्य target नाशिक स्टेशन है! वह वहाँ ट्रेन को क्रैश करने की योजना बना रहा है!" शिबानी ने चिल्लाकर कहा, उसकी आवाज़ में दहशत थी।
मिस्टर वर्मा के हाथ काँपने लगे। "नाशिक? यह असंभव है! हमें तुरंत स्टेशन खाली करवाना होगा!"
"नहीं, सर! अगर हम स्टेशन खाली करवाते हैं, तो हमलावर को पता चल जाएगा तो वह अपनी योजना बदल सकता है, या इससे भी बुरा कुछ कर सकता है। हमें उसे रोकना होगा, इससे पहले कि वह वहाँ पहुँचे!" शिबानी ने दृढ़ता से कहा।
शिबानी ने तुरंत नाशिक स्टेशन के सुरक्षा प्रोटोकॉल और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजनाओं को खंगालना शुरू किया। उसे पता था कि उसके पास बहुत कम समय था। उसे न केवल ट्रेन को नियंत्रित करना था, बल्कि हमलावर की पहचान भी करनी थी, जो अब एक बड़े पैमाने पर तबाही की योजना बना रहा था। यह सिर्फ़ एक ट्रेन को बचाना नहीं था, बल्कि पूरे शहर को बचाना था।
To be Continued............
- Brij

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