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Miss Railway - Episode 8


 

अंबिवली यार्ड, मुंबई के बाहरी इलाके में स्थित, रात के अँधेरे में एक भूतिया जगह लग रहा था। जंग लगी पटरियाँ, टूटे-फूटे डिब्बे और झाड़ियों से ढके पुराने सिग्नलिंग पोल, सब कुछ एक परित्यक्त अतीत की कहानी कह रहे थे। RPF की टीम, जिसका नेतृत्व एक तेज़-तर्रार इंस्पेक्टर कर रहा था, सावधानी से यार्ड में प्रवेश कर रही थी। उनके पास शिबानी द्वारा दिए गए निर्देश थे – एक विशिष्ट पुरानी सिग्नलिंग मशीन और हाल ही में देखी गई संदिग्ध गतिविधियों का सुराग।

सेंट्रल कमांड सेंटर में, शिबानी अपनी सीट पर बेचैनी से बैठी थी। RPF टीम के हर कदम की जानकारी उसे हेडसेट पर मिल रही थी। मिस्टर वर्मा भी उसके पास खड़े थे, उनकी नज़रें भी स्क्रीन पर थीं, जहाँ अंबिवली यार्ड का एक पुराना नक्शा चमक रहा था।

"मैम, हम यार्ड के अंदर हैं। यहाँ बहुत सन्नाटा है, लेकिन ताजे पैरो के निशान दिख रहे हैं," RPF इंस्पेक्टर की आवाज़ हेडसेट पर आई।

"सावधानी से आगे बढ़ें, इंस्पेक्टर। हमलावर बहुत खतरनाक है और वह अकेला नहीं भी हो सकता है," शिबानी ने चेतावनी दी।

टीम धीरे-धीरे यार्ड के केंद्र की ओर बढ़ी, जहाँ शिबानी ने पुरानी सिग्नलिंग मशीन होने का अनुमान लगाया था। कुछ ही देर में, उन्हें एक छोटा, जीर्ण-शीर्ण शेड दिखाई दिया, जिसके अंदर से हल्की रोशनी आ रही थी।

"मैम, हमें एक शेड मिला है। अंदर से रोशनी आ रही है," इंस्पेक्टर ने फुसफुसाते हुए कहा।

"शेड के चारों ओर घेरा डालो। और हमला करने के लिए तैयार रहो," शिबानी ने निर्देश दिया। उसके दिल की धड़कनें तेज़ हो गई थीं। यह वह पल था जिसका वे इंतज़ार कर रहे थे।

RPF टीम ने शेड को घेर लिया। इंस्पेक्टर ने अपनी टीम को इशारा किया, और वे एक साथ दरवाज़ा तोड़कर अंदर घुस गए। अंदर का नज़ारा वही था जिसकी शिबानी को उम्मीद थी। एक पुरानी, धूल भरी सिग्नलिंग मशीन चमक रही थी, और उसके सामने एक नकाबपोश व्यक्ति बैठा था, जो कई कंप्यूटर स्क्रीनों से घिरा हुआ था।

"हाथ ऊपर!" इंस्पेक्टर ने चिल्लाकर कहा।

नकाबपोश व्यक्ति चौंका, लेकिन उसने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उसने एक बटन दबाया, और शेड के अंदर की सारी लाइटें बुझ गईं, जिससे पूरा कमरा अँधेरे में डूब गया। साथ ही, एक तेज़ सायरन बजने लगा, जो यार्ड के सन्नाटे को चीर रहा था।

"वह भागने की कोशिश कर रहा है!" शिबानी ने चिल्लाकर कहा। "उसे रोको!"

RPF टीम ने तुरंत अपनी टॉर्च जलाई, और अँधेरे में हमलावर को ढूंढने की कोशिश की। नकाबपोश व्यक्ति ने एक और बटन दबाया, और अचानक, शेड के अंदर से एक तेज़, तीखी गैस निकलने लगी, जिससे RPF अधिकारी खाँसने लगे और उनकी आँखें जलने लगीं।

"यह वही गैस है जो ड्राइवर को दी गई थी!" राजेश की आवाज़ हेडसेट पर आई, खाँसते हुए।

"अपनी साँस रोककर रखो, इंस्पेक्टर! उसे भागने मत दो!" शिबानी ने निर्देश दिया।

अँधेरे और गैस के बीच, RPF टीम ने हमलावर का पीछा किया। नकाबपोश व्यक्ति शेड के पीछे के दरवाज़े से बाहर निकला और यार्ड की झाड़ियों में गायब हो गया। RPF टीम ने उसका पीछा किया, लेकिन अंधेरा और यार्ड का ऊबड़-खाबड़ इलाका उनके लिए मुश्किल पैदा कर रहा था।

सेंट्रल कमांड सेंटर में, शिबानी ने तुरंत अंबिवली यार्ड के आसपास के क्षेत्र के सैटेलाइट इमेजरी को सक्रिय किया। उसे एक धुंधला सा हीट सिग्नेचर दिखाई दिया, जो यार्ड से बाहर निकलकर पास के एक सुनसान सड़क की ओर बढ़ रहा था।

"इंस्पेक्टर, वह यार्ड से बाहर निकलकर पश्चिमी दिशा में एक सुनसान सड़क की ओर भाग रहा है! एक पुरानी जीप हो सकती है!" शिबानी ने RPF टीम को निर्देश दिया।

RPF टीम ने अपनी पूरी गति से पीछा किया। कुछ ही देर में, उन्हें सड़क पर एक पुरानी, धूल भरी जीप दिखाई दी, जो तेज़ी से दूर जा रही थी।

"हमें गाड़ी मिल गई है, मैम! हम उसका पीछा कर रहे हैं!" इंस्पेक्टर ने कहा।

शिबानी ने राहत की साँस ली।

अंबिवली यार्ड से निकली पुरानी जीप तेज़ी से सुनसान ग्रामीण सड़कों पर दौड़ रही थी, उसके पीछे RPF की टीम अपनी गाड़ियों में पूरी गति से पीछा कर रही थी। रात का अँधेरा और धूल भरी सड़कें पीछा करने को और भी मुश्किल बना रही थीं, लेकिन RPF के इंस्पेक्टर ने हार नहीं मानी थी।

सेंट्रल कमांड सेंटर में, शिबानी ने सैटेलाइट इमेजरी पर नज़र गड़ाए रखी थी। हीट सिग्नेचर अब एक मुख्य राजमार्ग की ओर बढ़ रहा था। "इंस्पेक्टर, वह राजमार्ग की ओर जा रहा है! अगर वह वहाँ पहुँच गया, तो उसे पकड़ना और मुश्किल हो जाएगा!" शिबानी ने हेडसेट पर कहा।

"हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं, मैम! लेकिन उसकी जीप पुरानी है, पर बहुत तेज़ है!" इंस्पेक्टर ने जवाब दिया, उसकी आवाज़ में तनाव था।

शिबानी ने तुरंत राजमार्ग पर मौजूद सभी पुलिस चौकियों और टोल प्लाज़ा को सतर्क करने के लिए मिस्टर वर्मा से कहा। "सर, राजमार्ग पर सभी चेकपॉइंट्स को अलर्ट करें। उन्हें जीप का विवरण दें और उसे रोकने के लिए तैयार रहने को कहें।"

वर्मा जी ने तुरंत फ़ोन पर आदेश जारी किए। कुछ ही मिनटों में, राजमार्ग पर आगे के चेकपॉइंट्स पर बैरिकेड्स लगाए जाने लगे।

जीप ने एक तेज़ मोड़ लिया और राजमार्ग पर चढ़ गई। RPF की गाड़ियाँ भी कुछ ही देर में उसके पीछे राजमार्ग पर आ गईं। अब एक हाई-स्पीड चेज़ शुरू हो गई थी। जीप, अपनी पुरानी हालत के बावजूद, RPF की आधुनिक गाड़ियों को टक्कर दे रही थी।

अचानक, जीप से एक तेज़ चमक निकली, और सड़क पर कुछ नुकीली चीज़ें गिर गईं। RPF की एक गाड़ी ने उन पर से गुज़रने की कोशिश की, और उसके टायर पंक्चर हो गए, जिससे वह सड़क के किनारे रुक गई।

"मैम! उसने स्पाइक स्ट्रिप्स फेंकी हैं!" इंस्पेक्टर ने चिल्लाकर कहा। "हमारी एक गाड़ी रुक गई है!"

"सावधान रहें, इंस्पेक्टर! वह किसी भी हद तक जा सकता है!" शिबानी ने चेतावनी दी।

शिबानी ने तुरंत सैटेलाइट इमेजरी पर नज़र डाली। हमलावर की जीप अब एक छोटे से शहर की ओर बढ़ रही थी, जो राजमार्ग से जुड़ा हुआ था। "इंस्पेक्टर, वह एक शहर की ओर जा रहा है! भीड़भाड़ वाली जगह में उसे पकड़ना और मुश्किल होगा!"

RPF की बची हुई गाड़ी ने अपनी गति बढ़ाई। शहर की सीमा पर, उन्होंने देखा कि जीप एक संकरी गली में मुड़ गई थी, जो मुख्य सड़क से हटकर थी।

"वह गलियों में भाग रहा है, मैम!" इंस्पेक्टर ने कहा। "हमारी बड़ी गाड़ी वहाँ नहीं जा पाएगी!"

शिबानी ने तुरंत शहर के नक्शे को ज़ूम किया। उसे एक पुराना, परित्यक्त रेलवे स्टेशन दिखाई दिया, जो गलियों के जाल के बीच में था। "इंस्पेक्टर, उस गली के अंत में एक पुराना रेलवे स्टेशन है! वह शायद वहाँ से भागने की कोशिश करेगा! अपनी टीम को पैदल उसका पीछा करने को कहें!"

RPF टीम ने अपनी गाड़ी रोकी और पैदल ही हमलावर का पीछा करने के लिए गलियों में घुस गई। अँधेरी, घुमावदार गलियाँ, कचरे के ढेर और आवारा कुत्ते उनके रास्ते में बाधा बन रहे थे।

कुछ ही देर में, वे पुराने रेलवे स्टेशन पर पहुँचे। स्टेशन पूरी तरह से सुनसान था, टूटी हुई खिड़कियाँ और जंग लगे बेंच भूतिया लग रहे थे। RPF टीम ने स्टेशन के अंदर प्रवेश किया।

"मैम, हम स्टेशन के अंदर हैं। यहाँ कोई नहीं है," इंस्पेक्टर ने कहा।

"वह कहीं छिपा होगा, इंस्पेक्टर! ध्यान से देखें! वह आपको चकमा देने की कोशिश करेगा!" शिबानी ने निर्देश दिया।

अचानक, स्टेशन के एक कोने से एक तेज़ आवाज़ आई, और नकाबपोश व्यक्ति एक पुरानी मालगाड़ी के डिब्बे के पीछे से निकलकर भागने लगा। RPF टीम ने उसका पीछा किया।

पीछा करते हुए, हमलावर ने एक और बटन दबाया, और डिब्बे के अंदर से एक तेज़, चकाचौंध करने वाली रोशनी निकली, जिससे RPF अधिकारियों की आँखें कुछ देर के लिए चौंधिया गईं। जब उनकी आँखें खुलीं, तो हमलावर एक पुराने, टूटे हुए डिब्बे के ऊपर चढ़ चुका था, और वहाँ से कूदकर स्टेशन के पीछे की झाड़ियों में गायब हो गया।

"वह भाग गया, मैम! वह झाड़ियों में गायब हो गया!" इंस्पेक्टर ने निराशा से कहा।

शिबानी ने अपनी मुट्ठी भींच ली। हमलावर एक बार फिर बच निकला था। लेकिन इस बार, उसने एक गलती की थी। RPF टीम को उस डिब्बे के ऊपर से एक छोटा सा, चमकदार धातु का टुकड़ा मिला, जो हमलावर की जैकेट से गिर गया था।

"यह क्या है?" इंस्पेक्टर ने पूछा।

"उसे फोरेंसिक टीम को सौंप दो, इंस्पेक्टर! यह हमलावर की पहचान का सबसे बड़ा सुराग हो सकता है!" शिबानी ने कहा, उसकी आवाज़ में दृढ़ संकल्प था। "यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। यह सिर्फ़ एक शुरुआत है।"

To be Continued.............

- Brij   

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